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सं Samvidhan

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023

धारा 374

Person acquitted on ground of unsoundness of mind to be detained in safe custody

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

जिस व्यक्ति के बारे में यह पाया गया हो कि उसने मानसिक अस्वस्थता की अवस्था में कृत्य किया, उसे बिना किसी सुरक्षा उपाय के यूँ ही मुक्त नहीं किया जा सकता, क्योंकि उससे स्वयं या दूसरों को जोखिम हो सकता है; न ही उसे अपराधी की तरह दंडित किया जाना चाहिए। यह धारा जन-सुरक्षा, उस व्यक्ति के कल्याण और उसकी गरिमा — तीनों का संतुलन करती है, न्यायालय को दो मानवीय विकल्प देकर: मानसिक स्वास्थ्य कानून के अधीन पर्यवेक्षित अभिरक्षा, या जवाबदेही सहित जिम्मेदार निजी देखरेख में रिहाई।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: जिस व्यक्ति के बारे में यह पाया गया हो कि उसने मानसिक अस्वस्थता के कारण कृत्य किया, उसे किसी भी जेल में सजायाफ्ता अपराधी की तरह बस यूँ ही बंद किया जा सकता है।

    तथ्य: यह धारा स्पष्ट रूप से निर्देश देती है कि सामान्य कारावास नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य नियमों के अनुसार सुरक्षित अभिरक्षा, या परिवार के पास पर्यवेक्षित सुपुर्दगी की जाए।