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सं Samvidhan

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023

धारा 371

Procedure on accused appearing before Magistrate or Court

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

दंड प्रक्रिया इस मान्यता पर चलती है कि अभियुक्त आरोप समझ सकता है और बचाव का निर्देश दे सकता है। जब प्रारंभ में कोई मानसिक रूप से अयोग्य हो, तो मुकदमा जारी रखने के बजाय रोका जाता है। यह धारा पुनः-प्रवेश बिंदु है: व्यक्ति के दोबारा पेश होने पर न्यायाधीश को बताती है कि मुकदमे को कैसे पुनः आरंभ या आगे संचालित करना है, ताकि मुकदमे की निष्पक्षता तथा ऐसे व्यक्ति के अधिकार—जो अभी अपना बचाव नहीं कर सकता—दोनों सुरक्षित रहें।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: एक बार किसी को मुकदमे के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाए, तो उनके विरुद्ध मामला सदा के लिए समाप्त हो जाता है।

    तथ्य: मामला केवल रोका जाता है। यह धारा आवश्यक करती है कि व्यक्ति के हर बार लौटकर लाए जाने पर न्यायालय पुनः जांच करे, और यदि वह सक्षम हो चुका है, तो मुकदमे को आगे बढ़ाए।