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सं Samvidhan

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023

धारा 368

Procedure in case of person of unsound mind tried before Court

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

जांच चरण में इस विषय से संबंधित पूर्ववर्ती प्रावधान के विपरीत, यह धारा तब लागू होती है जब मानसिक अक्षमता केवल तब स्पष्ट होती है जब मजिस्ट्रेट या सत्र न्यायालय में वास्तविक मुकदमा शुरू हो चुका हो। यह सुनिश्चित करती है कि इसी बाद के चरण में भी वही सावधानीपूर्वक, चिकित्सकीय-आधारित सुरक्षा उपाय, विशेषज्ञ मनोचिकित्सकीय मूल्यांकन, चिकित्सा मंडल (Medical Board) तक अपील का मार्ग, और एक संरचित निर्णय-प्रक्रिया लागू हों, ताकि जो व्यक्ति अपने ही मुकदमे को समझने में असमर्थ है, उसे बिना समुचित जाँच-पड़ताल के दोषसिद्ध न किया जाए।