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सं Samvidhan

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023

धारा 339

Permission to conduct prosecution

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

पुराने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 302 से लिया गया यह प्रावधान निष्पक्षता बनाए रखता है: जाँचकर्ता और अभियोजक की भूमिकाएँ अलग रखकर उस व्यक्ति को, जिसने मामला तैयार किया है, अदालत में उसी का पक्ष रखने से रोकता है, जिससे पक्षपात की आशंका घटती है; साथ ही मजिस्ट्रेटों को छोटे मामलों में यह लचीलापन देता है कि अभियोजन कौन प्रस्तुत करेगा।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: यह कथन गलत है: कोई भी पुलिस अधिकारी उस मामले का अभियोजन नहीं चुन सकता जिसे उसने स्वयं जाँचा हो।

    तथ्य: जिस अधिकारी ने उसी विशिष्ट अपराध की जाँच में भाग लिया है, वह अनुमति होने पर भी उसके अभियोजन का संचालन करने से निषिद्ध है।