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सं Samvidhan

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023

धारा 338

Appearance by Public Prosecutors

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

भारत में आपराधिक अभियोजन संपूर्ण समाज की ओर से राज्य द्वारा किया जाता है, केवल व्यक्तिगत पीड़ित की ओर से नहीं। दण्ड प्रक्रिया संहिता की पुरानी धारा 301 का यह प्रावधान इसी सार्वजनिक स्वरूप को सुरक्षित रखता है, यह सुनिश्चित करके कि राज्य-नियुक्त लोक अभियोजक समग्र नियंत्रण में बना रहे, भले ही निजी शिकायतकर्ता अतिरिक्त कानूनी सहायता ले आए।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: पीड़ित द्वारा नियुक्त निजी वकील स्वतंत्र रूप से अभियोजन नहीं चला सकता।

    तथ्य: ऐसे वकील को लोक अभियोजक के निर्देशन में ही काम करना होता है; हाँ, साक्ष्य समापन के बाद न्यायालय की अनुमति से वह लिखित तर्क प्रस्तुत कर सकता है।