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सं Samvidhan

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023

धारा 301

Definitions

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

अगला अध्याय बंद या नजरबंद व्यक्तियों को न्यायालय में प्रस्तुत कराने से संबंधित है। ‘कारागार’ और ‘नजरबंद/निर्विरोध निरुद्ध’ की व्यापक परिभाषाएँ इसलिए दी गई हैं ताकि नियम केवल प्रचलित केंद्रीय या जिला जेलों तक सीमित न रहें, बल्कि सहायक जेलों, सुधारालयों और किशोरों पर केंद्रित बॉर्स्टल संस्थानों तक भी लागू हों; और केवल सज़ा भुगत रहे दोषियों पर ही नहीं, प्रतिरोधात्मक निरोध (preventive detention) के अंतर्गत रखे गए लोगों पर भी लागू हों—जिससे केवल इस आधार पर कि व्यक्ति पारंपरिक कारागार के अतिरिक्त किसी अन्य स्थान पर रखा गया है, न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया से बचा न जा सके।