Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023
धारा 169
Information of design to commit cognizable offences
Every police officer receiving information of a design to commit any cognizable offence shall communicate such information to the police officer to whom he is subordinate, and to any other officer whose duty it is to prevent or take cognizance of the commission of any such offence.
सत्यापन प्रतीक्षित
यह क्यों है
यह प्रावधान एक दीर्घकालिक नियम (पूर्व का दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 118) को आगे बढ़ाता है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नियोजित अपराधों संबंधी सूचनाएं किसी एक अधिकारी तक सीमित न रहें। अपराध-निवारण इस पर निर्भर करता है कि जानकारी पुलिस पदानुक्रम में और उपयुक्त विशेषज्ञ अधिकारियों तक शीघ्रता से पहुंचे, ताकि अपराध घटित होने से पहले ही कदम उठाए जा सकें। यह पुलिस की अपेक्षित भूमिका के निवारक स्वरूप को दर्शाता है, न कि केवल प्रतिक्रियात्मक।
आम गलतफहमियाँ
मिथक: यह धारा केवल योजना बनाने पर ही पुलिस को किसी को गिरफ्तार करने का अधिकार देती है।
तथ्य: यह प्रावधान केवल पुलिस तंत्र के भीतर सूचना साझा करने का दायित्व स्थापित करता है; मात्र अपराध की योजना भर के लिए यह स्वयं गिरफ्तार करने या दंड देने की शक्ति नहीं देता।
मिथक: यह नियम सभी अपराधों पर लागू होता है, यहाँ तक कि छोटे-मोटे अपराधों पर भी।
तथ्य: यह विशेष रूप से ‘संज्ञेय’ अपराधों से संबंधित सूचना पर लागू होता है, अर्थात ऐसे गंभीर अपराध जिनमें पुलिस मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति के बिना कार्रवाई कर सकती है।