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सं Samvidhan

Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023

धारा 94

Concealment of birth by secret disposal of dead body

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

यह प्रावधान औपनिवेशिक काल के Indian Penal Code की धारा 318 से आया है, जिसका उद्देश्य उन मामलों को संबोधित करना था जहाँ अवैध या अवांछित संतान के जन्म को मृत शिशु के शरीर को गुप्त रूप से हटाकर छिपा दिया जाता था, जिससे यह जाँचना असंभव हो जाता था कि शिशु की प्राकृतिक मृत्यु हुई या उसे मारा गया। इस क़ानून में हत्या या कदाचार सिद्ध करना आवश्यक नहीं है—अपराध केवल जन्म को गुप्त रखने (गुप्त निपटान) में निहित है, क्योंकि ऐसी गोपनीयता राज्य की इस क्षमता में बाधा डालती है कि शिशुहत्या जैसे अपराध हुआ या नहीं, यह निर्धारित किया जा सके।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: यह धारा केवल तभी लागू होती है जब शिशु की हत्या की गई हो।

    तथ्य: यह धारा मृत्यु के कारण से निरपेक्ष रूप से लागू होती है—चाहे शिशु मृतजन्मा हो या प्राकृतिक रूप से मरा हो—जब तक जन्म को छिपाने के लिए शरीर का गुप्त निपटान किया गया हो।

  • मिथक: केवल माँ पर ही इस क़ानून के तहत आरोप लग सकता है।

    तथ्य: जन्म को छिपाने के इरादे से जो भी व्यक्ति शिशु के शरीर को गुप्त रूप से दफनाए या हटाए, उस पर आरोप लगाया जा सकता है—सिर्फ़ माँ पर ही नहीं।