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सं Samvidhan

Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023

धारा 95

Hiring, employing or engaging a child to commit an offence

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

यह प्रावधान भारतीय दंड संहिता, 1860 का स्थान लेने वाले भारतीय न्याय संहिता, 2023 का नया प्रावधान है। विधि-निर्माताओं ने ऐसे वयस्कों पर, जो बच्चों को अपराध के औजार की तरह इस्तेमाल करते हैं—चाहे चोरी, मानव-व्यापार या यौन शोषण के लिए—सीधा और स्वतंत्र अपराध निर्धारित करना चाहा, यह मानते हुए कि बच्चे विशेष रूप से प्रलोभन और दबाव के प्रति संवेदनशील होते हैं, और ऐसा दुरुपयोग बच्चों के संरक्षण के अन्य कानूनों (जैसे POCSO अधिनियम) या तस्करी-विशेष प्रावधानों के अतिरिक्त और स्वतंत्र रूप से दंडनीय होना चाहिए।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: यह धारा केवल बच्चों से जुड़े यौन शोषण या अश्लील सामग्री (पोर्नोग्राफी) पर ही लागू होती है।

    तथ्य: यह धारा किसी भी ऐसे अपराध को कवर करती है जो किराए पर रखे गए या लगाए गए बच्चे से करवाया गया हो; यह सिर्फ यौन शोषण तक सीमित नहीं है। स्पष्टीकरण खंड केवल यह साफ करता है कि यौन शोषण या अश्लील सामग्री (पोर्नोग्राफी) भी इसके दायरे में आती है, न कि यह कि दायरा केवल उसी तक सिमटा है।

  • मिथक: वयस्क को केवल बच्चे को बिगाड़ने के लिए दंड मिलता है, वास्तविक अपराध के लिए नहीं।

    तथ्य: यदि अपराध वास्तव में घटित हो जाए, तो वयस्क को बच्चे को लगाने के दंड के अतिरिक्त, उसी विशिष्ट अपराध की सज़ा भी दी जाएगी।