Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023
धारा 76
Assault or use of criminal force to woman with intent to disrobe
Whoever assaults or uses criminal force to any woman or abets such act with the intention of disrobing or compelling her to be naked, shall be punished with imprisonment of either description for a term which shall not be less than three years but which may extend to seven years, and shall also be liable to fine.
सत्यापन प्रतीक्षित
यह क्यों है
यह अपराध विशेष रूप से महिलाओं पर किए जाने वाले अत्यंत अपमानजनक और हिंसक हमले—कपड़े उतारना या निर्वस्त्र करना—को संबोधित करने के लिए बनाया गया था, जिसे पहले प्रायः केवल सामान्य हमला या शील भंग जैसे प्रावधानों के तहत चलाया जाता था जो इसकी गंभीरता को पूरी तरह नहीं दर्शाते थे। जिन घटनाओं में महिलाओं को अपमान या भय दिखाने के लिए सार्वजनिक रूप से घुमाकर निर्वस्त्र किया गया या जबरन कपड़े उतरवाए गए (जैसे जाति-आधारित या साम्प्रदायिक हिंसा, या भीड़ के हमले), उन पर सार्वजनिक आक्रोश ने विधायिका को अलग, अधिक कड़े दंड वाले अपराध का निर्माण करने के लिए प्रेरित किया। इसे 2012 दिल्ली सामूहिक बलात्कार मामले के बाद हुए सुधारों के माध्यम से संशोधनों से लाया गया था (मूल रूप में Indian Penal Code की धारा 354B) और अब इसे Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 में धारा 76 के रूप में आगे बढ़ाया गया है।
न्यायालय इसे कैसे पढ़ते हैं
अदालतों ने सामान्यतः माना है कि इस अपराध के लिए महिला को निर्वस्त्र करने या नग्न करने का विशेष आशय सिद्ध होना चाहिए—सिर्फ सामान्य रूप से उसकी लज्जा भंग करने का इरादा पर्याप्त नहीं है। पहले की समान शब्दावली वाली धारा 354B IPC के तहत दिए गए निर्णयों ने बल दिया है कि कृत्य के साथ हमला या आपराधिक बल का प्रयोग होना आवश्यक है, और उकसाना/सहायता करना (अभिभवन) भी समान रूप से दंडनीय है। अदालतें इसे गंभीर अपराध मानती हैं और अनिवार्य न्यूनतम सजा का समर्थन करती हैं, जो ऐसे अपमान को कानून द्वारा अत्यंत गंभीरता से लेने को दर्शाती है।
आम गलतफहमियाँ
मिथक: यह कानून केवल तब लागू होता है जब महिला पूरी तरह निर्वस्त्र हो।
तथ्य: कानून तब भी लागू होता है जब निर्वस्त्र करने या नग्न करने का प्रयास पूरी तरह सफल न हो—मुख्य तत्व है इस उद्देश्य से किया गया हमला या बल प्रयोग और वह आशय।
मिथक: केवल वही व्यक्ति दंडित किया जा सकता है जो स्वयं महिला को शारीरिक रूप से निर्वस्त्र करता है।
तथ्य: यह कानून न केवल मुख्य कर्ता को, बल्कि ऐसे कृत्य का अभिभवन (मदद, उकसावा या सहायता) करने वाले किसी भी व्यक्ति को भी दंडित करता है।