Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023
धारा 174
Punishment for undue influence or personation at an election
Whoever commits the offence of undue influence or personation at an election shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to one year or with fine, or with both.
सत्यापन प्रतीक्षित
यह क्यों है
मुक्त और निष्पक्ष चुनाव इस बात पर निर्भर हैं कि मतदाता बिना भय, दबाव या धोखाधड़ी के अपना मत दे सकें। भारतीय दंड कानून लंबे समय से मतदान प्रक्रिया में हस्तक्षेप को गंभीर गलत कृत्य मानता आया है — यह प्रावधान उसी नियम की निरंतरता है जो पहले भारतीय दंड संहिता में धारा 171F के रूप में था और जिसे भारतीय न्याय संहिता, 2023 में समाहित किया गया। इसका उद्देश्य विशेष रूप से दो नामित चुनावी गलतियों को रोकना है: मतदाताओं को डराकर या अनुचित रूप से दबाव डालकर प्रभावित करना, और किसी मतदाता का रूप धरकर कपटपूर्ण मतदान करना।
आम गलतफहमियाँ
मिथक: यह धारा हर तरह की चुनावी धांधली, जैसे रिश्वत या नकली मतदाता सूचियाँ, को नहीं कवर करती।
तथ्य: यह धारा केवल दो विशिष्ट अपराधों — अनुचित प्रभाव और प्रतिरूपण — के लिए दंड निर्धारित करती है, जिनकी परिभाषाएँ अन्य धाराओं में दी गई हैं। अन्य चुनावी अपराध, जैसे रिश्वत, अलग-अलग प्रावधानों के तहत दंडित होते हैं।
मिथक: केवल वही व्यक्ति दंडित किया जा सकता है जो नकली वोट डालता है।
तथ्य: ‘अनुचित प्रभाव’ उस व्यक्ति पर भी लागू हो सकता है जो मतदाता पर दबाव डालता या धमकी देता है, भले ही वह स्वयं व्यक्तिगत रूप से कोई कपटपूर्ण वोट न डाले।