Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023
धारा 163
Abetment of desertion of soldier, sailor or airman
Whoever abets the desertion of any officer, soldier, sailor or airman, in the Army, Navy or Air Force of the Government of India, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to two years, or with fine, or with both.
सत्यापन प्रतीक्षित
यह क्यों है
यह उपबंध ब्रिटिश औपनिवेशिक काल के विधि सिद्धांत (मूलतः Indian Penal Code, 1860 की Section 136) की निरंतरता है, जिसका उद्देश्य सैन्य अनुशासन और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करना है। पलायन सशस्त्र सेनाओं को कमजोर करता है, इसलिए कानून केवल पलायन करने वालों पर (जिन्हें अलग सैन्य कानूनों के तहत दंडित किया जाता है) नहीं, बल्कि ऐसे नागरिकों या अन्य व्यक्तियों पर भी ध्यान करता है जो पलायन के लिए उकसाते या सहायता करते हैं, यह मानते हुए कि बाहरी दखल रक्षा तैयारियों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।
आम गलतफहमियाँ
मिथक: केवल वही सैनिक जो पलायन करते हैं, इस कानून के तहत दंडित किए जा सकते हैं।
तथ्य: यह धारा वास्तव में उन लोगों को लक्ष्य करती है जो किसी सैनिक को पलायन के लिए मदद करते हैं या राज़ी करवाते हैं; स्वयं सैनिक का पलायन अलग प्रावधानों के तहत दंडनीय है।
मिथक: यह कानून केवल सैन्य बलों के अंदर के लोगों पर ही लागू होता है।
तथ्य: किसी भी व्यक्ति पर, जिसमें नागरिक भी शामिल हैं, यदि वे किसी सैनिक के पलायन का अभिवर्तन (abetment) करते हैं, तो इस धारा के तहत आरोप लगाया जा सकता है।