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सं Samvidhan

Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023

धारा 162

Abetment of such assault, if assault committed

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

सैन्य अनुशासन कमांड शृंखला के सम्मान पर निर्भर करता है, विशेषकर ड्यूटी के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों की आज्ञापालन पर। औपनिवेशिक दौर के आपराधिक कानून (मूलत: IPC धारा 133) ने सशस्त्र बलों के अनुशासन को कमजोर करने वाले कृत्यों को अलग अपराध माना था, जिसमें सैनिकों को अपने वरिष्ठों पर हमला करने के लिए उकसाने वालों को दंडित करना भी शामिल था। यही प्रावधान भारत की सशस्त्र सेनाओं की कमांड संरचना को हिंसक उकसावे से अस्थिर होने से बचाने के लिए Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 में आगे भी जारी रखा गया।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: केवल वही सैनिक दंडित किया जा सकता है जिसने वास्तव में हमला किया हो।

    तथ्य: यह कानून विशेष रूप से उस व्यक्ति को दंडित करता है जिसने हमला करने के लिए उकसाया या सहायता की, बशर्ते कि वही उकसावे के कारण वास्तव में हमला हुआ हो।

  • मिथक: यह प्रावधान किसी भी दो सैनिकों के बीच होने वाले हर हमले पर लागू होता है।

    तथ्य: यह विशेष रूप से उस स्थिति पर लागू होता है जब कोई व्यक्ति किसी ड्यूटी करते हुए वरिष्ठ अधिकारी पर हमला कराने के लिए उकसाता है; यह समान पद वालों के आपसी विवादों या असंबंधित लड़ाइयों पर लागू नहीं होता।