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सं Samvidhan

Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023

धारा 161

Abetment of assault by soldier, sailor or airman on his superior officer, when in execution

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

यह प्रावधान उपनिवेशकालीन ढांचे (मूलतः IPC धारा 133) की निरंतरता है, जिसका उद्देश्य सैन्य अनुशासन और कमांड की शृंखला की रक्षा करना है। सशस्त्र बल कड़े पदानुक्रम और उच्चाधिकारियों के प्रति आज्ञापालन पर चलते हैं; ड्यूटी के दौरान किसी उच्चाधिकारी पर हमला—या हमले के लिए मात्र उकसावा—भी परिचालनिक अनुशासन और सुरक्षा को खतरे में डालता है। कानून अभिप्रेरण (abetment) को स्वयं में अपराध मानता है, भले ही वास्तविक हमला हुआ हो या नहीं, ताकि उकसाने वालों और षड्यंत्रकारियों को सज़ा दी जा सके, भले ही साज़िश नाकाम या समय रहते रोकी गई हो।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: आपको इस कानून के तहत तभी दंडित किया जा सकता है जब वास्तविक हमला हो जाए।

    तथ्य: कानून स्वयं हमले के अभिप्रेरण (उकसाना, सहायता करना या योजना बनाना) के कृत्य को दंडित करता है—चाहे हमला अंततः हुआ हो या नहीं।

  • मिथक: यह धारा किसी सैनिक द्वारा किसी भी व्यक्ति पर किए गए हर हमले पर लागू होती है।

    तथ्य: यह विशेष रूप से ड्यूटी निभा रहे उच्चाधिकारी पर सैन्य कर्मियों द्वारा किए जाने वाले हमले के अभिप्रेरण को कवर करती है।