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सं Samvidhan

Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023

धारा 157

Public servant negligently suffering such prisoner to escape

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

औपनिवेशिक काल के कानून (मूल रूप से IPC धारा 223) ने माना कि संवेदनशील कैदियों—जैसे राजनीतिक या सुरक्षा कारणों से निरुद्ध राज्य के कैदी (State prisoners) या युद्धबंदी—की रखवाली करने वाले अधिकारियों पर विशेष भरोसे का दायित्व होता है। ऐसे कैदियों की निगरानी में लापरवाही जन-सुरक्षा या राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाल सकती है, इसलिए कानून ने लापरवाही से भागने की घटनाओं के लिए एक अलग, अपेक्षाकृत हलका अपराध गढ़ा, जो उन मामलों से भिन्न है जहाँ अधिकारी जानबूझकर भागने में सहायता करता है (जिसे कहीं और अधिक कड़े दंड से दंडित किया जाता है)।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: यह कानून तभी लागू होता है जब अधिकारी ने जानबूझकर कैदी को भागने में मदद की हो।

    तथ्य: यह धारा लापरवाही (असावधानी) के कारण हुए भागने के मामलों पर लागू होती है, न कि जानबूझकर कराए गए भागने पर; जानबूझकर भागने में सहायता करने पर अलग, अधिक कड़े प्रावधान के तहत दंड दिया जाता है।

  • मिथक: यह किसी भी जेल से किसी भी कैदी के भाग जाने पर लागू होता है।

    तथ्य: यह विशेष रूप से ‘राज्य के कैदियों’ और ‘युद्धबंदियों’ पर लागू होती है, जो सामान्य आपराधिक बंदियों से भिन्न विशेष श्रेणियाँ हैं।