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सं Samvidhan

Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023

धारा 151

Assaulting President, Governor, etc., with intent to compel or restrain exercise of any

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

यह प्रावधान भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की Section 124 से उद्भूत है, जिसे सर्वोच्च संवैधानिक पदों को ज़बरदस्ती से बचाने के लिए बनाया गया था। विचार यह है कि राष्ट्रपति और राज्यपाल अपनी संवैधानिक शक्तियाँ—जैसे विधेयकों को स्वीकृति देना, अधिकारियों की नियुक्ति करना, या विवेकाधिकार का प्रयोग करना—बिना किसी शारीरिक धमकी या बल प्रयोग के स्वतंत्र रूप से कर सकें। यह प्रावधान भारत की संवैधानिक शासन-व्यवस्था के केन्द्रीय पदों की स्वतंत्रता और गरिमा की रक्षा करता है।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: राष्ट्रपति या राज्यपाल के निवास के पास होने वाला कोई भी विरोध स्वतः ही इस कानून का उल्लंघन है।

    तथ्य: यह कानून तभी लागू होता है जब हमला, अवैध रोकथाम, या आपराधिक बल का प्रदर्शन—किसी वैध शक्ति के प्रयोग को करवाने या रोकने के विशेष उद्देश्य से—किया गया हो; शांतिपूर्ण विरोध, जिसमें बल का प्रयोग या वह मंशा न हो, इसके दायरे में नहीं आता।

  • मिथक: यह धारा राष्ट्रपति या राज्यपाल का अपमान करने या उनकी आलोचना करने को कवर करती है।

    तथ्य: यह केवल शारीरिक बल, अवैध बन्दीकरण, या आधिकारिक कृत्य को नियंत्रित करने की नीयत से बल की धमकी वाले मामलों को कवर करती है—मौखिक आलोचना या मानहानि अलग कानूनों के तहत आती है।