Skip to content
सं Samvidhan

Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023

धारा 144

Exploitation of a trafficked person

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

यह धारा भारत के आधुनिक दंड संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023) का हिस्सा है, जिसने Indian Penal Code का स्थान लिया। यह मानव तस्करी के मांग-पक्ष—यानी तस्करी के शिकारों का यौन शोषण करने वालों—को उन लोगों से अलग लक्षित करती है जो वास्तव में तस्करी करते हैं। यह संयुक्त राष्ट्र के UN Trafficking Protocol (Palermo Protocol) के तहत भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं और घरेलू विरोधी-तस्करी प्रयासों को प्रतिबिंबित करती है, यह मानते हुए कि तस्करी इसलिए बनी रहती है क्योंकि विशेषकर बच्चों का यौन शोषण करने को तैयार लोग मौजूद हैं।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: केवल वही तस्कर दंडित किया जा सकता है जो पीड़ित को ले जाए या बेचे।

    तथ्य: यह धारा किसी भी ऐसे व्यक्ति को दंडित करती है जो तस्करी के शिकार व्यक्ति का यौन शोषण करता है, भले ही उसने स्वयं तस्करी न की हो, बशर्ते उसे पता हो या मानने का कारण हो कि उस व्यक्ति की तस्करी हुई है।

  • मिथक: दंड एक‑सा है, चाहे पीड़ित बच्चा हो या वयस्क।

    तथ्य: कानून तस्करी के शिकार बच्चे के शोषण पर अधिक कठोर न्यूनतम और अधिकतम दंड (5–10 वर्ष) निर्धारित करता है, जबकि वयस्क के मामले में यह (3–7 वर्ष) है।