Indian Penal Code, 1860
धारा 506
repealedPunishment for criminal intimidation
Whoever commits the offence of criminal intimidation shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to two years, or with fine, or with both;
सत्यापन प्रतीक्षित
यह क्यों है
जहाँ धारा 503 यह परिभाषित करती है कि कौन-सा आचरण आपराधिक भयादोहन बनता है, वहीं धारा 506 उसके लिए दंड का प्रावधान करती है। इस धारा के आईपीसी के मूल रूप में एक दूसरा भाग भी था, जो मृत्यु या घोर चोट या कुछ अन्य गम्भीर परिणामों की धमकी पर कहीं अधिक कठोर दंड (अधिकतम 7 वर्ष) देता था, ताकि न्यायालय धमकी की तीव्रता के अनुसार श्रेणीबद्ध दृष्टिकोण अपना सकें।
आम गलतफहमियाँ
मिथक: यह कथन गलत है: हर प्रकार के आपराधिक भयादोहन को एक‑सा दंड नहीं मिलता, चाहे जो भी धमकी दी गई हो।
तथ्य: भारतीय दण्ड संहिता (IPC) सामान्य धमकियों—जिन्हें इस मूल उपबंध के तहत दंडित किया जाता है—और मृत्यु या घोर चोट या कुछ अन्य गम्भीर परिणामों की धमकियों के बीच भेद करती है; ऐतिहासिक रूप से बाद वाली श्रेणी के लिए अधिकतम दंड कहीं अधिक रहा है।