Indian Penal Code, 1860
धारा 483
repealedCounterfeiting a property mark used by another
Whoever counterfeits any property mark used by any other person shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to two years, or with fine, or with both.
सत्यापन प्रतीक्षित
यह क्यों है
यह धारा किसी व्यक्ति के स्थापित स्वामित्व-चिह्न की सीधी नकल किए जाने से उसकी रक्षा करती है। जहाँ धारा 482 सामान्य तौर पर झूठे चिह्न के उपयोग को दंडित करती थी, वहीं यह विशेष रूप से उस कृत्य को लक्षित करती है जिसमें कोई व्यक्ति किसी अन्य द्वारा अपनी संपत्ति की पहचान हेतु पहले से उपयोग में लाए जा रहे चिह्न की हू-ब-हू नकल या अनुकरण करता है। IPC को 1 July 2024 को निरस्त कर दिया गया और उसके स्थान पर Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 लागू हुई, जो अब इन अपराधों को नियंत्रित करती है।