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सं Samvidhan

Indian Penal Code, 1860

धारा 479

repealed

Property mark

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

यह एक परिभाषात्मक धारा है जो परिसंपत्ति-चिह्न वाले अध्याय (धारा 480 से 489) की भूमिका तय करती है, जिसमें ऐसे चिह्नों की जालसाजी या दुरुपयोग को दंडित किया जाता है। परिसंपत्ति-चिह्न, व्यापार-चिह्न (ट्रेडमार्क) से भिन्न है: यह किसी विशिष्ट वस्तु के स्वामित्व की पहचान करता है, जबकि व्यापार-चिह्न सामान्यतः वस्तुओं के वाणिज्यिक स्रोत या ब्रांड को इंगित करता है। IPC को 1 July 2024 को निरस्त कर 2023 का Bharatiya Nyaya Sanhita लागू किया गया, और अब ये अपराध उसी के अधीन आते हैं।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: यह कहना गलत है कि परिसंपत्ति-चिह्न और व्यापार-चिह्न (ट्रेडमार्क) एक ही चीज़ हैं।

    तथ्य: परिसंपत्ति-चिह्न किसी विशिष्ट चल वस्तु के स्वामी को दिखाता है, जबकि व्यापार-चिह्न (ट्रेडमार्क) सामान्य रूप से वस्तुओं के वाणिज्यिक स्रोत या ब्रांड की पहचान करता है—दोनों के विधिक प्रयोजन अलग-अलग हैं।