Indian Penal Code, 1860
धारा 470
repealedForged document
A false document or electronic record made wholly or in part by forgery is designated “a forged document or electronic record”.
सत्यापन प्रतीक्षित
यह क्यों है
यह दंड का नहीं, बल्कि परिभाषा वाला प्रावधान है। यह कूटरचना (forgery) के उत्पाद को “कूटरचित दस्तावेज़” नाम देता है, ताकि बाद के प्रावधान (जैसे 471 से 474, जो कूटरचित दस्तावेज़ का उपयोग या कब्ज़े पर दंड देते हैं) हर बार पूरा वर्णन दोहराए बिना सीधे उसी शब्द का संदर्भ दे सकें। IPC को 1 July 2024 को निरस्त कर दिया गया और उसके स्थान पर Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 लागू हुई, जो अब इन अपराधों को नियंत्रित करती है।
आम गलतफहमियाँ
मिथक: किसी दस्तावेज़ को “कूटरचित” तभी माना जाएगा जब वह शुरू से अंत तक पूरी तरह नकली हो।
तथ्य: इस परिभाषा के अनुसार, केवल एक भाग को बेईमानी से बदल देने भर से भी, अन्यथा वास्तविक दस्तावेज़ “कूटरचित दस्तावेज़” माना जाएगा।