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सं Samvidhan

Indian Penal Code, 1860

धारा 463

repealed

Forgery

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

काग़ज़ी हों या इलेक्ट्रॉनिक—दस्तावेज़ और अभिलेख लेन-देन, अनुबंधों और शासकीय प्रक्रियाओं में विश्वास की रीढ़ होते हैं। यह अनुभाग उस विश्वास की रक्षा करता है, क्योंकि ऐसे अभिलेखों को बेईमान उद्देश्यों से गढ़ना अपराध है; झूठा दस्तावेज़ स्वामित्व, समझौतों, पहचान या तथ्यों के बारे में लोगों को भ्रमित कर वास्तविक हानि पहुँचा सकता है, चाहे उस पर आगे कोई कार्रवाई हुई हो या नहीं।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: जालसाज़ी का मतलब केवल किसी के हस्ताक्षर की नकल करना है।

    तथ्य: जालसाज़ी में किसी भी प्रकार के झूठे दस्तावेज़ या इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख को बेईमानी के उद्देश्य से बनाना शामिल है—यह केवल हस्ताक्षरों तक सीमित नहीं; इसमें नकली अनुबंध, गढ़े हुए प्रमाण-पत्र, या बदले-गए अभिलेख भी आ सकते हैं।