Indian Penal Code, 1860
धारा 424
repealedDishonest or fraudulent removal or concealment of property
Whoever dishonestly or fraudulently conceals or removes any property of himself or any other person, or dishonestly or fraudulently assists in the concealment or removal thereof, or dishonestly releases any demand or claim to which he is entitled, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to two years, or with fine, or with both.
सत्यापन प्रतीक्षित
यह क्यों है
यह एक व्यापक, समावेशी प्रावधान है जो संपत्ति से जुड़े बेईमान छिपाव, हटाने, या दावा/अधिकार छोड़ने के मामलों को कवर करता है, जो 421 या 423 जैसी अधिक विशिष्ट धाराओं में ठीक-ठीक न समा पाएं। इसका उद्देश्य उन सामान्य बेईमान तरकीबों को समेटना है जिनमें परिसंपत्तियाँ छिपाना या अधिकारों का परित्याग करके दूसरों को धोखा देना शामिल है, ताकि संकुचित शब्दों वाली धाराओं से छूटे हुए अंतराल भरें। भारतीय दंड संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita), 2023 में यह धारा 320 के अनुरूप है।
न्यायालय इसे कैसे पढ़ते हैं
न्यायालय यह परखते हैं कि छिपाने, हटाने या किसी दावे के त्याग के पीछे विशिष्ट बेईमान या कपटपूर्ण उद्देश्य क्या था, क्योंकि यह धारा व्यापक भाषा में है और उन अनेक स्थितियों पर भी लागू हो सकती है जो अधिक संकीर्ण रूप से शब्दबद्ध, ऋणदाता-संबंधी अपराधों में सीधे-सीधे न आती हों।
आम गलतफहमियाँ
मिथक: यह धारा केवल व्यक्ति की अपनी संपत्ति पर ही लागू होती है—यह कथन गलत है।
तथ्य: यह धारा उस बेईमान छिपाव या हटाने पर लागू होती है जो अभियुक्त की अपनी या किसी अन्य व्यक्ति की संपत्ति के संबंध में हो, साथ ही ऐसे मामलों पर भी जहाँ कोई व्यक्ति जिस मांग/दावे का हक़दार है उसे बेईमानी से छोड़ देता है।