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सं Samvidhan

Indian Penal Code, 1860

धारा 352

repealed

Punishment for assault or criminal force otherwise than on grave provocation

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

यह साधारण मारपीट या आपराधिक बल के उन मामलों के लिए सामान्य/आधारभूत दंड है जो किसी अधिक विशिष्ट या अधिक गंभीर श्रेणी (जैसे लोक सेवक पर हमला, या किसी स्त्री की लज्जा भंग करने के उद्देश्य से हमला) में नहीं आते। इसमें एक अपवाद भी निहित है: पीड़ित की ओर से हुए गंभीर और आकस्मिक उकसावे के तात्कालिक प्रत्युत्तर में किया गया बल अलग तरह से आंका जाता है।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: कोई भी बहस या अपमान, शारीरिक बल के लिए माफ़ करने योग्य गंभीर उकसावा माना जाता है।

    तथ्य: गंभीर और आकस्मिक उकसावा (grave and sudden provocation) एक विशिष्ट विधिक अवधारणा है; साधारण बहसें या अपमान सामान्यतः इसके अंतर्गत नहीं आते, इसलिए केवल मौखिक विवाद पर किसी को धक्का देना या मारना अब भी इसी आधारभूत दंड के भीतर आता है।