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सं Samvidhan

Indian Penal Code, 1860

धारा 347

repealed

Wrongful confinement to extort property, or constrain to illegal act

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

यह धारा उस बंदीकरण को लक्ष्य करती है जो वित्तीय लाभ पाने या अवैध कृत्य करवाने के लिए दबाव (कठोरता) के औज़ार के रूप में किया जाता है—जो रंगदारी और फिरौती हेतु अपहरण के मामलों में प्रायः देखा जाता है। यह मानती है कि इस विशिष्ट भ्रष्ट उद्देश्य से किसी को बंदी बनाना, सामान्य अवैध बंदीकरण से बढ़कर दंडनीय है।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: यह वही अपराध है जो अन्य क़ानूनों के अंतर्गत फिरौती के लिए अपहरण (kidnapping for ransom) कहलाता है।

    तथ्य: यह धारा विशेष रूप से उगाही या अवैध कार्य करवाने के उद्देश्य से किए गए अवैध बंदीकरण को संबोधित करती है; तथ्यों के आधार पर यह अन्य अपहरण या उगाही संबंधी प्रावधानों के साथ साथ लागू हो सकती है।