Indian Penal Code, 1860
धारा 325
repealedPunishment for voluntarily causing grievous hurt
Whoever, except in the case provided for by section 335, voluntarily causes grievous hurt, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to seven years, and shall also be liable to fine.
सत्यापन प्रतीक्षित
यह क्यों है
यह धारा घोर चोट पहुँचाने के लिए मूल दंड निर्धारित करती है—ऐसी गंभीर चोट जिसका परिभाषित स्वरूप धारा 320 में दिया गया है—बशर्ते खतरनाक अस्त्र-शस्त्र या उपायों का प्रयोग न हुआ हो; क्योंकि ऐसे खतरनाक साधनों का प्रयोग होने पर कठोर धारा 326 लागू होती है। यह एक श्रेणीबद्ध व्यवस्था को दर्शाती है, जिसमें चोट की गंभीरता और प्रयुक्त तरीके—दोनों—दंड निर्धारण को प्रभावित करते हैं। भारतीय दंड संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023) में अब यह अपराध धारा 117(2) के अंतर्गत आता है।
आम गलतफहमियाँ
मिथक: यह कथन गलत है: सभी गंभीर चोटों को एक समान दंड नहीं मिलता; दंड इस पर भी निर्भर करता है कि चोट किन साधनों से पहुँचाई गई—खतरनाक उपायों से होने पर कठोर धारा 326 लागू होती है।
तथ्य: यह धारा उन घोर चोटों को कवर करती है जो खतरनाक हथियारों या उपायों के बिना पहुँचाई गई हों; ऐसे हथियार/उपायों का प्रयोग होने पर कठोर दंड वाली धारा 326 लागू होती है।