Indian Penal Code, 1860
धारा 316
repealedCausing death of quick unborn child by act amounting to culpable homicide-
Whoever does any act under such circumstances, that if he thereby caused death he would be guilty of culpable homicide, and does by such act cause the death of a quick unborn child, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to ten years, and shall also be liable to fine.
सत्यापन प्रतीक्षित
यह क्यों है
यह अनुभाग उन स्थितियों की कमी को पूरा करता है जहाँ गर्भवती महिला पर निर्देशित हिंसा—भ्रूण को हानि पहुँचाने की विशिष्ट मंशा के बिना—के परिणामस्वरूप उन्नत अवस्था के ‘त्वरित’ अजन्मे शिशु की मृत्यु हो जाती है; इसे लापरवाही से या खतरनाक इरादे से मृत्यु कारित करने के समकक्ष एक गंभीर अपराध के रूप में माना जाता है। यह व्यापक हिंसक या लापरवाह आचरण से लगभग पूर्ण विकसित मानव जीवन के नष्ट होने को मान्यता देता है, और इसे अन्य धाराओं में विनियमित जानबूझकर भ्रूणहत्या से अलग ठहराता है। भारतीय दंड संहिता के स्थान पर आए भारतीय न्याय संहिता, 2023 (Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023) में यह अपराध अब धारा 92 के अंतर्गत समाहित है।
आम गलतफहमियाँ
मिथक: यह अनुभाग यह नहीं माँगता कि व्यक्ति की विशेष मंशा भ्रूण को हानि पहुँचाने की ही रही हो।
तथ्य: यह महिला के प्रति किए गए मूल हिंसक कृत्य के पीछे की मंशा या ज्ञान के आधार पर लागू होता है, न कि अजन्मे शिशु को मारने की किसी विशेष मंशा के आधार पर।