Indian Penal Code, 1860
धारा 290
repealedPunishment for public nuisance in cases not otherwise provided for
Whoever commits a public nuisance in any case not otherwise punishable by this Code, shall be punished with fine which may extend to two hundred rupees.
सत्यापन प्रतीक्षित
यह क्यों है
सार्वजनिक उपद्रव में वे कृत्य आते हैं जो जनता या पड़ोस के लोगों को सामूहिक असुविधा या हानि पहुँचाते हैं, और यह धारा ऐसे व्यवहार के लिए अवशिष्ट/समग्र अपराध के रूप में काम करती है जो अन्य विशिष्ट धाराओं (जैसे हानिकारक वायु, आग या पशुओं से संबंधित प्रावधान) में ठीक से फिट नहीं बैठता। इसमें जुर्माना छोटा रखा गया है क्योंकि इसका लक्ष्य गम्भीर अपराध नहीं बल्कि रोज़मर्रा की छोटी परेशानियाँ हैं। भारतीय दण्ड संहिता के स्थान पर आई Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 के तहत यह अपराध पुनः क्रमांकित धारा में जारी रहता है।