Indian Penal Code, 1860
धारा 278
repealedMaking atmosphere noxious to health
Whoever voluntarily vitiates the atmosphere in any place so as to make it noxious to the health of persons in general dwelling or carrying on business in the neighbourhood or passing along a public way, shall be punished with fine which may extend to five hundred rupees.
सत्यापन प्रतीक्षित
यह क्यों है
सार्वजनिक स्वास्थ्य श्वासयोग्य हवा पर निर्भर करता है। आधुनिक पर्यावरणीय कानूनों से पहले, यह धारा आम लोगों और स्थानीय प्राधिकरणों को ऐसे व्यक्ति के विरुद्ध एक सरल आपराधिक उपाय देती थी जो जानबूझकर दुर्गंधयुक्त, अस्वास्थ्यकर हवा पैदा करे—जैसे घरों के पास हानिकारक पदार्थों को जलाना। व्यवहार में यह प्रावधान काफी हद तक वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 जैसे समर्पित पर्यावरणीय क़ानूनों द्वारा प्रतिस्थापित हो गया है, पर यह अब भी सामान्य उपद्रव-प्रकार का अपराध बना रहता है। नवीन भारतीय दंड संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita), 2023 के तहत इस अपराध को पुनः संख्यांकित धारा में आगे बढ़ाया गया है।