Skip to content
सं Samvidhan

Indian Penal Code, 1860

धारा 236

repealed

Abetting in India the counterfeiting out of India of coin

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

जालसाजी के गिरोह अकसर सीमापार काम करते हैं — भारत में कोई व्यक्ति विदेश में बैठे जालसाजों को नमूने, धन, या निर्देश भेज सकता है। इस धारा के बिना, कोई यह तर्क दे सकता था कि क्योंकि असली जालसाजी भारत की भौगोलिक सीमा के बाहर हुई, इसलिए भारतीय कानून उसके आचरण तक नहीं पहुँच सकता। यह धारा उस खामी को बंद करती है और भारत में स्थित किसी भी व्यक्ति को, जो कहीं और घट रही जालसाजी में उकसावा/सहायता करता है, दायित्व के दायरे में लाती है, ताकि सीमापार जालसाजी की साज़िशें केवल जालसाजी की भौतिक क्रिया को विदेश में रखकर भारतीय अधिकार-क्षेत्र से न बच सकें।