Indian Penal Code, 1860
धारा 122
repealedCollecting arms, etc., with intention of waging war against the Government of India
Whoever collects men, arms or ammunition or otherwise prepares to wage war with the intention of either waging or being prepared to wage war against the Government of India, shall be punished with imprisonment for life or imprisonment of either description for a term not exceeding ten years, and shall also be liable to fine.
सत्यापन प्रतीक्षित
यह क्यों है
यह प्रावधान 1860 के मूल भारतीय दंड संहिता का हिस्सा था, जो ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के दौरान आंशिक रूप से सशस्त्र विद्रोहों और औपनिवेशिक राज्य के विरुद्ध उठावों को दबाने के उद्देश्य से बनाया गया था, जिसमें 1857 के विद्रोह जैसे घटनाक्रमों के बाद की चिंतियाँ झलकती हैं। स्वतंत्रता के बाद ‘Government of India’ को स्वतंत्र भारत की संवैधानिक सरकार के रूप में पुनर्व्याख्यायित किया गया, और यह प्रावधान आज भी एक तैयारी-संबंधी अपराध के रूप में कार्य करता है—अर्थात वास्तविक आक्रमण से पहले ही युद्ध के लिए संसाधन जुटाने की क्रिया को अपराध ठहराता है, जिससे राज्य को आरंभिक स्तर पर हस्तक्षेप करने की अनुमति मिलती है।
न्यायालय इसे कैसे पढ़ते हैं
भारतीय न्यायालयों ने सामान्यतः माना है कि धारा 122 का लक्ष्य तैयारी और अभिप्राय (इंटेंट) है, केवल युद्ध की वास्तविक क्रिया नहीं; इसे धारा 121 (वास्तव में युद्ध छेड़ना) से अलग पहचाना गया है। न्यायालयों ने स्पष्ट किया है कि केवल हथियार रखना, जब तक सरकार के विरुद्ध युद्ध छेड़ने के इरादे का प्रमाण न हो, इस धारा के अंतर्गत नहीं आता; अभियोजन को पुरुषों/हथियारों के संग्रह और राज्य के विरुद्ध युद्ध छेड़ने के इरादे के बीच स्पष्ट संबंध सिद्ध करना होता है, जैसा कि विद्रोह और सशस्त्र उथल-पुथल से जुड़े मुकदमों में देखा गया है।
आम गलतफहमियाँ
मिथक: इस कानून के तहत दंडित होने के लिए आपको वास्तव में सरकार के विरुद्ध युद्ध लड़ना आवश्यक है।
तथ्य: न्यायालयों ने स्पष्ट किया है कि केवल तैयारी—हथियार, लोग या गोलाबारूद एकत्र करना—यदि सरकार के विरुद्ध युद्ध छेड़ने के इरादे से हो, तो पर्याप्त है; युद्ध का वास्तव में होना आवश्यक नहीं है।
मिथक: केवल हथियार रखना मात्र धारा 122 के अंतर्गत अवैध है।
तथ्य: सिर्फ हथियारों का कब्जा इस धारा के तहत अपराध नहीं है, जब तक कि उसे भारत सरकार के विरुद्ध युद्ध छेड़ने के स्पष्ट इरादे से न जोड़ा जा सके।