Bharatiya Sakshya Adhiniyam, 2023
धारा 14
Existence of course of business when relevant
When there is a question whether a particular act was done, the existence of any course of business, according to which it naturally would have been done, is a relevant fact. Illustrations.
(a) The question is, whether a particular letter was dispatched. The facts that it was the ordinary course of business for all letters put in a certain place to be carried to the post, and that particular letter was put in that place are relevant.
(b) The question is, whether a particular letter reached A. The facts that it was posted in due course, and was not returned through the Return Letter Office, are relevant. Admissions
सत्यापन प्रतीक्षित
यह क्यों है
अदालतों को अक्सर पत्र डालने या लेन-देन दर्ज करने जैसे नियमित कार्यों का प्रत्यक्ष, प्रथम-हाथ सबूत नहीं मिल पाता, क्योंकि हर बार कोई याद नहीं रखता या प्रत्यक्षदर्शी नहीं होता। पुराने Indian Evidence Act, 1872 की धारा 16 से आई यह व्यवस्था नियमित, स्थापित व्यावसायिक आदतों को परिस्थितिजन्य साक्ष्य के रूप में स्वीकार करती है, यह मानते हुए कि संगठन और व्यक्ति प्रायः सुसंगत दिनचर्या का पालन करते हैं, और ऐसी दिनचर्या से यह संभावना बढ़ती है कि विशेष कृत्य भी सामान्य तरीके से हुआ होगा।
न्यायालय इसे कैसे पढ़ते हैं
Indian Evidence Act, 1872 (Section 16) के समान प्रावधान के तहत, भारतीय न्यायालय लम्बे समय से ‘व्यवसाय के सामान्य क्रम’ वाले साक्ष्य का उपयोग पत्र, नोटिस और व्यावसायिक दस्तावेजों के प्रेषण और प्राप्ति से जुड़े विवादों में करते आए हैं, विशेषकर वाणिज्यिक व संविदात्मक मामलों में। सामान्यतः न्यायालय यह मांगते हैं कि प्रथा स्पष्ट, सुसंगत और स्थापित हो (केवल एक बार की आदत नहीं) तभी उसे प्रासंगिक माना जाए, और ऐसे साक्ष्य को निर्णायक नहीं, बल्कि अन्य प्रमाणों के साथ तौला जाता है।
आम गलतफहमियाँ
मिथक: केवल ‘व्यवसाय के सामान्य क्रम’ को दिखा देने से अपने आप सिद्ध हो जाता है कि कृत्य हुआ था।
तथ्य: यह सिर्फ एक प्रासंगिक तथ्य के रूप में उस कृत्य की संभावना बढ़ाता है; अदालतें इसे अन्य साक्ष्यों के साथ तौलती हैं, और यह निर्णायक प्रमाण नहीं होता।
मिथक: यह प्रावधान केवल पत्रों पर ही लागू होता है।
तथ्य: उदाहरणों में पत्र हैं, पर नियम व्यापक है और ऐसे किसी भी कृत्य पर लागू होता है जहाँ नियमित व्यावसायिक दिनचर्या यह उजागर कर सकती है कि वह विशेष कृत्य किया गया था या नहीं।