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सं Samvidhan

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023

धारा 88

Release, sale and restoration of attached property

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

यह प्रावधान ‘उद्घोषित अपराधी’—अर्थात जो गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो—से निपटने की एक पुरानी प्रक्रिया (पहले दंड प्रक्रिया संहिता में) को आगे बढ़ाता है। उनकी संपत्ति कुर्क करना उनका स्थायी दंड या राज्य का अनुचित लाभ नहीं, बल्कि उन्हें न्यायालय में पेश होने के लिए दबाव का साधन है। इसलिए कानून में सुरक्षा-उपाय जोड़े गए हैं: वास्तविक अनुपस्थिति के बाद ही संपत्ति राज्य के निस्तार हेतु छोड़ी जाती है, बिक्री में आपत्तियों के निपटारे और व्यक्ति को लौट आने का समय देने हेतु विलंब अनिवार्य है, और जो लोग जानबूझकर न्याय से नहीं बच रहे थे, ऐसे वास्तविक अनुपस्थितों को अपना हक़ वापस पाने के लिए दो वर्ष की मोहलत दी गई है।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: एक बार संपत्ति कुर्क हो जाए और व्यक्ति उपस्थित न हो, तो सरकार उसे तुरंत बेच सकती है।

    तथ्य: कानून बिक्री से पहले छह माह की अनिवार्य प्रतीक्षा और किसी भी दावे/आपत्ति के निपटारे की शर्त रखता है; अपवाद तभी हैं जब माल नाशवान हो या न्यायालय यह पाए कि पहले बेचना मालिक के हित में है।

  • मिथक: यदि व्यक्ति देर से उपस्थित हो, तो वह कभी अपनी संपत्ति वापस नहीं पा सकता।

    तथ्य: धारा 88(3) के तहत व्यक्ति को अधिकतम दो वर्ष मिलते हैं ताकि वह सिद्ध कर सके कि वह न्याय से बच नहीं रहा था और उसे संपत्ति या उसकी बिक्री की रकम लौटाई जा सके।