Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023
धारा 411
Procedure in case of difference of opinion
Where any such case is heard before a Bench of Judges and such Judges are equally divided in opinion, the case shall be decided in the manner provided by section 433.
सत्यापन प्रतीक्षित
यह क्यों है
कभी-कभी न्यायिक पीठों में, खासकर दो-न्यायाधीशीय पीठ में, मत बराबर-बराबर बँट सकते हैं; ऐसे में किसी मृत्यु-दंड वाले मामले को अधर में छोड़ने के बजाय कानून को इस गतिरोध के समाधान का स्पष्ट तंत्र चाहिए। इस नियम को यहाँ दोहराने के स्थान पर, यह धारा सीधे धारा 433 में निहित विभाजित मतों के निवारण की सामान्य प्रक्रिया का संदर्भ देती है। यह दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 370 का निरंतरन (continuation) है।