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सं Samvidhan

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023

धारा 409

Power of High Court to confirm sentence or annul conviction

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

यह धारा बताती है कि मृत्युदंड की समीक्षा करते समय उच्च न्यायालय के पास विकल्पों का पूरा दायरा है, जिससे पुष्टि एक साधारण हाँ/ना का मामला न रहकर वास्तविक पुनर्मूल्यांकन बनती है—जो संदेह होने पर बरी, अलग सज़ा, या पुनः परीक्षण तक ले जा सकती है। अपील अवधि की रक्षा करने वाली उपधारा यह सुनिश्चित करती है कि समय से पहले पुष्टि करके अभियुक्त के अपील के अधिकार को क्षति न पहुँचे। यह CrPC, 1973 की धारा 368 की भावना को आगे बढ़ाती है।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: यह कहना गलत है कि उच्च न्यायालय केवल मृत्युदंड की पुष्टि या अस्वीकृति ही कर सकता है।

    तथ्य: उच्च न्यायालय के पास व्यापक शक्तियाँ हैं—वह कम गंभीर अपराध में दोषसिद्ध कर सकता है, पुनः परीक्षण का आदेश दे सकता है, या अभियुक्त को पूरी तरह बरी कर सकता है।