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सं Samvidhan

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023

धारा 407

Sentence of death to be submitted by Court of Session for confirmation

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

क्योंकि मृत्यु-दंड अपरिवर्तनीय दंड है, कानून ने निष्पादन (execution) से पहले अनिवार्य रूप से दूसरी स्तर की न्यायिक पड़ताल जोड़ी है। कोई भी परीक्षण न्यायालय, चाहे वह कितना भी वरिष्ठ हो, मृत्यु-दंड पर अंतिम निर्णय नहीं दे सकता — उच्च न्यायालय को स्वतंत्र रूप से इसकी जांच कर उसे पुष्टि करनी होती है। यह अनिवार्य पुष्टि प्रक्रिया इस बात को दर्शाती है कि दंड विधान मृत्युदंड को कितना असाधारण गंभीर मानता है, और यह दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 366 को आगे बढ़ाती है।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: किसी परीक्षण न्यायालय द्वारा दिया गया मृत्यु-दंड तुरंत लागू किया जा सकता है।

    तथ्य: मृत्यु-दंड का निष्पादन तब तक कभी नहीं हो सकता जब तक उच्च न्यायालय स्वतंत्र रूप से इसकी समीक्षा कर उसे पुष्टि न कर दे।