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सं Samvidhan

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023

धारा 297

Period of detention undergone by accused to be set off against sentence of imprisonment

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

यदि यह पार-संदर्भ न होता, तो जो व्यक्ति मुक़दमे से पहले महीनों न्यायिक हिरासत में रहा है, उसे दलील-समझौते से तय सज़ा पूरी तरह अलग से भुगतनी पड़ती—यानी उस पर अन्यायपूर्वक दोहरी सज़ा हो जाती। यह प्रावधान सुनिश्चित करता है कि क़ानून के अन्य सभी स्थानों पर लागू वही न्यायसंगत नियम—पहले से भुगते समय की गणना—दलील-समझौते से मिली सज़ाओं पर भी समान रूप से लागू हो।