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सं Samvidhan

Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023

धारा 16

Local Jurisdiction of Executive

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

कार्यपालक दंडाधिकारी न्यायिक मुकदमों के बजाय प्रशासनिक और कानून-व्यवस्था से जुड़े कार्य करते हैं (जैसे शांति व्यवस्था बनाए रखना, निवारक आदेश पारित करना, या कुछ पुलिस कार्रवाइयों की निगरानी करना)। ज़िले बड़े हो सकते हैं और उनमें अनेक कार्यपालक दंडाधिकारी होते हैं, इसलिए यह साफ व्यवस्था होना ज़रूरी है कि किस क्षेत्र के लिए कौन उत्तरदायी है। यह व्यवस्था, जिसका सार पुरानी दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 17 से लिया गया है, ज़िलाधिकारी (ज़िले का वरिष्ठतम कार्यपालक अधिकारी) को कार्य-विभाजन की प्रशासनिक शक्ति देती है, जबकि इस शक्ति को राज्य सरकार की निगरानी के अधीन रखती है। उपधारा (2) का डिफ़ॉल्ट नियम सुनिश्चित करता है कि यदि कोई विशिष्ट विभाजन न किया गया हो, तो दंडाधिकारी किसी अनिर्धारित क्षेत्र के बाहर शक्तिहीन न रह जाएँ।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: यह कथन गलत है: कार्यपालक दंडाधिकारी हमेशा के लिए केवल एक स्थायी क्षेत्र तक ही सीमित नहीं रहते।

    तथ्य: ज़िलाधिकारी इन क्षेत्र-आवंटनों में ‘समय-समय पर’ बदलाव कर सकता है, इसलिए सीमाएँ लचीली हैं, स्थायी नहीं।

  • मिथक: यह कथन गलत है: यदि किसी दंडाधिकारी को कोई क्षेत्र आवंटित न हो, तो उसके पास बिल्कुल भी शक्ति नहीं होती—ऐसा नहीं है।

    तथ्य: कानून इसका उल्टा कहता है: किसी विशिष्ट क्षेत्र-परिभाषा के अभाव में उस दंडाधिकारी की शक्तियाँ पूरे ज़िले पर लागू होती हैं।