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सं Samvidhan

Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023

धारा 353

Statements conducing to public mischief

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

यह प्रावधान खतरनाक ग़लत-सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए बनाया गया है—चाहे वे सैन्य अनुशासन को खतरे में डालें, जन-आतंक फैलाएँ, या साम्प्रदायिक/जातीय घृणा को हवा दें—क्योंकि झूठी अफवाहें (ख़ासकर ऑनलाइन) वास्तविक हिंसा भड़का सकती हैं। धार्मिक स्थलों पर हुए अपराधों के लिए अधिक कठोर दंड वहाँ साम्प्रदायिक हिंसा के अतिरिक्त जोखिम को पहचानता है, जबकि सद्भावना-अपवाद ईमानदार रिपोर्टिंग और यथार्थ विश्वास की रक्षा करता है।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: सिर्फ़ किसी और का लिखा संदेश आगे भेज देने से कभी भी दायित्व नहीं बनता—ऐसा नहीं है।

    तथ्य: यदि आपने कोई झूठा या डर फैलाने वाला कथन प्रसारित किया—चाहे वह मूल रूप से आपने न बनाया हो—और आप जानते थे या युक्तिसंगत रूप से जानते होंगे कि उससे भय, विद्रोह, या साम्प्रदायिक घृणा भड़क सकती है, तो यह अपराध बन सकता है; अपवाद तब है जब आपके पास उसे सत्य मानने के युक्तिसंगत आधार थे और आपने उसे सद्भावना में साझा किया।