Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023
धारा 292
Punishment for public nuisance in cases not otherwise provided for
Whoever commits a public nuisance in any case not otherwise punishable by this Sanhita shall be punished with fine which may extend to one thousand rupees.
सत्यापन प्रतीक्षित
यह क्यों है
सार्वजनिक उपद्रव में समुदाय के दैनिक जीवन में होने वाली अनेक असुविधाएँ और खतरे शामिल होते हैं—जैसे सड़क अवरुद्ध करना, जलस्रोत को प्रदूषित करना, अत्यधिक शोर करना—जो संहिता के अन्य भागों में किसी नामित अपराध के रूप में फिट नहीं बैठते। यह धारा एक सामान्य सुरक्षा-जाल की तरह काम करती है ताकि समान्य जनहानि, खतरा या खिन्नता पैदा करने वाले कृत्य पर, भले ही मामूली ही सही, कोई न कोई दंड अवश्य लागू हो।
आम गलतफहमियाँ
मिथक: यह कहना गलत है कि सार्वजनिक उपद्रव केवल दीवानी मामला है और पुलिस कुछ नहीं कर सकती।
तथ्य: यह धारा सार्वजनिक उपद्रव को जुर्म (आपराधिक अपराध) बनाती है, जिसकी सज़ा जुर्माना है; यह दीवानी उपचारों के अतिरिक्त है, उनके स्थान पर नहीं।