Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023
धारा 285
Danger or obstruction in public way or line of navigation
Whoever, by doing any act, or by omitting to take order with any property in his possession or under his charge, causes danger, obstruction or injury to any person in any public way or public line of navigation, shall be punished with fine which may extend to five thousand rupees.
सत्यापन प्रतीक्षित
यह क्यों है
सार्वजनिक सड़कें और जलमार्ग सभी के लिए सुरक्षित और सुगम्य बने रहने चाहिए; इन साझा स्थानों में बाधाएँ, सामग्री या अनुपयुक्त रूप से छोड़ी गई/अनियंत्रित संपत्ति लापरवाही से छोड़ देना, बिना किसी हानि पहुँचाने के इरादे के भी, दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है। यह धारणा, पुराने भारतीय दंड संहिता की धारा 283 की निरंतरता के रूप में, ऐसे अवरोध या जोखिम के लिए केवल जुर्माने वाला हल्का दंड प्रदान करती है।
आम गलतफहमियाँ
मिथक: यह अपराध तभी बनता है जब अवरोध पहुँचाने का सुनियोजित इरादा सिद्ध हो।
तथ्य: यह केवल जानबूझकर किए गए अवरोध तक सीमित नहीं है; अपने आधीन संपत्ति का समुचित प्रबंधन करने में लापरवाही की स्थिति को भी समाहित करता है।