Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023
धारा 261
Escape from confinement or custody negligently suffered by public servant
Whoever, being a public servant legally bound as such public servant to keep in confinement any person charged with or convicted of any offence or lawfully committed to custody, negligently suffers such person to escape from confinement, shall be punished with simple imprisonment for a term which may extend to two years, or with fine, or with both.
सत्यापन प्रतीक्षित
यह क्यों है
यह जानबूझकर कराए गए फरार होने पर आधारित पिछले अनुभाग का लापरवाही वाला समकक्ष है। हर फरार रिश्वत या साज़िश नहीं होता—कभी-कभी पहरेदार सो जाता है या कुंडी जाँचना भूल जाता है। कानून ऐसी लापरवाही के लिए भी जवाबदेही चाहता है, पर दुष्प्रवृत्ति की भिन्नता को समझते हुए जानबूझी मिलीभगत की तुलना में हलका दंड निर्धारित करता है। यह पुराने आईपीसी की धारा 223 के अंतर्गत चली आ रही स्थिति को आगे बढ़ाता है।
आम गलतफहमियाँ
मिथक: किसी भी जेल से भागना अपने-आप में यह सिद्ध कर देता है कि प्रहरी ने यह कानून तोड़ा है।
तथ्य: फरार उसी स्थिति में कहा जाएगा जब वह उस प्रहरी की स्वयं की लापरवाही से घटित हो—जबकि उस विशेष व्यक्ति को अभिरक्षा में रखने का उसका विधिसम्मत कर्तव्य था; बाहरी सशस्त्र हमलावरों द्वारा कराए गए संरचनात्मक जेल-तोड़ जैसे उसके नियंत्रण से बाहर कारणों से नहीं।