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सं Samvidhan

Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023

धारा 256

Public servant framing incorrect record or writing with intent to save person from

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

आधिकारिक अभिलेख—जैसे पुलिस डायरी, निरीक्षण प्रतिवेदन, सूचीपत्र (इन्वेंटरी) और ऐसे अन्य दस्तावेज—को न्यायालयों तथा अन्य प्राधिकरणों द्वारा तथ्यों के सही लेखे-जोखे के रूप में भरोसा किया जाता है। यह प्रावधान, जो पहले Indian Penal Code, 1860 की Section 218 था, उन लोक सेवकों को दंडित करता है जो जानबूझकर ऐसे अभिलेखों में मिथ्याकरण करते हैं—चाहे किसी को हानि पहुँचाने के लिए, किसी अपराधी को बचाने के लिए, या संपत्ति को किसी वैध विधिक दावे से संरक्षण देने के लिए।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: यह कहना गलत है कि लोक सेवक को केवल रिश्वत लेने पर ही दंड मिल सकता है, बाद में बनाए गए झूठे अभिलेख पर नहीं।

    तथ्य: हानि पहुँचाने के आशय से या किसी को विधिक परिणामों से बचाने के उद्देश्य से जानबूझकर गलत आधिकारिक अभिलेख तैयार करना स्वयं में इस धारा के अंतर्गत एक पृथक अपराध है।