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सं Samvidhan

Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023

धारा 254

Penalty for harbouring robbers or dacoits

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

लूट और विशेषकर डकैती (गिरोह द्वारा, प्रायः हिंसक लूट) को उनकी समन्वित व खतरनाक प्रकृति के कारण सख्ती से लिया जाता है। यह प्रावधान, जो पहले भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 216A था, ऐसे गिरोहों को जान-बूझकर पनाह देने वालों पर कड़ी सज़ा लगाता है—चाहे वह अपराध को घटित कराने में मदद के लिए हो या बाद में गिरोह की रक्षा के लिए—क्योंकि सुरक्षित ठिकाने संगठित लूट अभियानों की रीढ़ होते हैं।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: यह अपराध तभी लागू होता है जब लूट भारत में घटित हुई हो।

    तथ्य: कानून स्पष्ट रूप से कहता है कि डकैती या लूट भारत के भीतर हुई हो या भारत के बाहर—इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।