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सं Samvidhan

Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023

धारा 246

Dishonestly making false claim in Court

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

न्यायालयों को यह भरोसा होना चाहिए कि पक्षकार जो दावे उनके समक्ष लाते हैं, वे सद्भावना में किए गए हैं। यह प्रावधान, जो पहले Indian Penal Code, 1860 की Section 209 था, लोगों को केवल उत्पीड़न, दबाव बनाने या मुकदमे की प्रक्रिया के ज़रिये धोखा देने के लिए जानबूझकर झूठे दावे दाखिल करने से हतोत्साहित करता है।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: यह धारणा ग़लत है कि झूठा दावा दायर करने पर सबसे बुरा बस इतना होता है कि मुकदमा खारिज हो जाता है।

    तथ्य: अदालत में जानबूझकर झूठा दावा दायर करना—धोखे से या किसी को सताने के इरादे से—स्वयं एक आपराधिक अपराध है, जिसकी सज़ा अधिकतम दो वर्ष का कारावास और साथ में जुर्माना है।