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सं Samvidhan

Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023

धारा 232

Threatening any person to give false evidence

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

यह भारतीय न्याय संहिता, 2023 (Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023) में जोड़ा गया नया प्रावधान है, जिसका ठीक इसी रूप में पुराने Indian Penal Code में स्वतंत्र समकक्ष नहीं था। यह एक कमी को दूर करता है: पहले के कानून झूठा साक्ष्य देने वाले को तो दंडित करते थे, परंतु किसी को ऐसा साक्ष्य देने पर मजबूर करने वाले को स्पष्ट रूप से नहीं। धमकी को ही अपराध बनाकर, यह कानून गवाहों को डराने-धमकाने से बचाता है और प्रभावशाली पक्षों को भय दिखाकर झूठी गवाही गढ़ने से हतोत्साहित करता है।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: यह कथन गलत है: केवल वही व्यक्ति दंडित नहीं होता जो अदालत में झूठ बोलता है; जो उसे मजबूर करता है वह भी दंडनीय है।

    तथ्य: यह धारा अलग से उस व्यक्ति को दंडित करती है जो किसी को झूठा साक्ष्य देने के लिए धमकाता है, भले ही वह दबाव अंततः विफल हो जाए।