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सं Samvidhan

Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023

धारा 231

Giving or fabricating false evidence with intent to procure conviction of offence punishable

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

यह धारा, धारा 230 से एक स्तर नीचे की श्रेणी को कवर करती है, यानी गम्भीर परन्तु गैर-मृत्युदंडीय अपराध। यह पूर्व में Indian Penal Code, 1860 की धारा 195 थी। इसका मकसद ‘प्रतिबिंबित दंड’ के माध्यम से निवारण है: जो व्यक्ति किसी को गम्भीर अपराध में फँसाने की कोशिश करे, उसे उतना ही कठोर परिणाम भोगना चाहिए जितना उस अपराध के लिए होता, क्योंकि गम्भीर मामलों में झूठा साक्ष्य निर्दोषों का जीवन उसी तरह बर्बाद कर सकता है जैसे स्वयं अपराध करता।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: अदालत में झूठ बोलना हमेशा एक छोटा-सा अपराध है और उस पर छोटा, निश्चित दंड लगता है—यह कथन गलत है।

    तथ्य: जब झूठ गम्भीर अपराध को निशाना बनाता है, तो दंड उतना ही कठोर हो सकता है जितना उस अपराध के लिए निर्धारित है—यह कोई छोटा, सीमित दंड नहीं रहता।