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सं Samvidhan

Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023

धारा 177

Failure to keep election accounts

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

चुनावी व्यय के खाते पारदर्शिता सुनिश्चित करने और चुनावों में धन-बल के प्रभाव पर अंकुश लगाने में मदद करते हैं। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 जैसे क़ानून प्रत्याशियों को चुनाव व्यय का विस्तृत लेखा-जोखा रखने के लिए बाध्य करते हैं, ताकि प्राधिकार यह परख सकें कि प्रत्याशी अनुमत सीमा से अधिक खर्च नहीं कर रहे या अवैध धन छिपा नहीं रहे। यह धारा अनुपालन न करने पर आपराधिक दंड निर्धारित कर उस अनिवार्यता को दृढ़ करती है, जिससे प्रत्याशियों और एजेंटों को ईमानदार और समय पर अभिलेख रखने के लिए प्रोत्साहन मिलता है।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: यह धारा उम्मीदवारों को चुनाव में बहुत अधिक पैसा खर्च करने के लिए दंडित करती है।

    तथ्य: यह केवल आवश्यक खर्च अभिलेख न रखने पर दंडित करती है; अधिक खर्च करना स्वयं अलग चुनावी क़ानूनों के तहत निपटाया जाता है।

  • मिथक: यह गंभीर आपराधिक अपराध है जिसमें क़ैद होती है।

    तथ्य: दंड केवल जुर्माना है—अधिकतम ₹5,000 तक—क़ैद का कोई प्रावधान निर्दिष्ट नहीं है।