Skip to content
सं Samvidhan

Indian Penal Code, 1860

धारा 355

repealed

Assault or criminal force with intent to dishonour person, otherwise than on grave provocation

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

शारीरिक क्षति से परे, कानून मानता है कि कुछ हमले किसी व्यक्ति को अपमानित या असम्मानित करने के उद्देश्य से किए जाते हैं, जो साधारण हमले से अलग अपनी सामाजिक हानि रखते हैं। यह धारा उसी विशेष नीयत को संबोधित करती है और धारा 352 के तहत साधारण हमले की तुलना में कुछ अधिक दंड प्रदान करती है।

आम गलतफहमियाँ
  • मिथक: यह धारा धारा 352 के तहत साधारण हमले के समान ही है।

    तथ्य: इस धारा में पीड़ित का अपमान/असम्मान करने की विशिष्ट नीयत आवश्यक है, और ऐसी विशेष नीयत के अभाव वाले साधारण हमले की तुलना में इसे कुछ अधिक गंभीरता से देखा जाता है।