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सं Samvidhan

Indian Penal Code, 1860

धारा 239

repealed

Delivery of coin possessed with knowledge that it is counterfeit

सत्यापन प्रतीक्षित

यह क्यों है

यह धारा जानबूझकर नक़ली सिक्के को असली बताकर चलाने की हरकत को लक्षित करती है, खासकर तब जब व्यक्ति को शुरुआत से—अर्थात जब उसने उसे प्राप्त किया—यह पता था कि वह नक़ली है। कपट के आशय की शर्त यह सुनिश्चित करती है कि कानून निर्दोष रूप से चलन में आई उस मुद्रा को नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई धोखाधड़ी (पहले से नक़ली होने का ज्ञान होते हुए किसी को ठगने के लिए उसका उपयोग) को दंडित करे।